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दोस्तों आज के इस पोस्ट में मैं आप को शादी के कार्ड की शायरी हिंदी में देने वाला हूँ जिसे आप शादी के कार्ड में लिखवा सकते है दोस्तों जब भी हम शादी का कार्ड किसे के यहाँ ले जाते है या फिर कोई आप के यहाँ शादी का कार्ड लाता है तो हम सबसे पहले देखते है की शादी कब है इसके बाद हम कार्ड के शायरी देखने लगते है की कोन – कोन सी शायरी कार्ड में लिखी है | शादी के कार्ड की शायरी हिंदी में – Shadi Ke Card Ki Shayari in Hindi || आपको निचे शादी के शायरी हिंदी  दिए गए है आप को जो अच्छा  लगे वो आप कार्ड में लिखवा सकते है |

[1]

छायेगा मंडप , बैठेगी दुल्हन |

चढ़ेगा तेल , लगेगा उबटन || – तेलपूजन

[2]

रचेगी मेंहदी , लगेगी हल्दी चन्दन |

सजायेंगे मण्डप, करेंगे मातृपूजन || – मातृपूजन

[3]

बनगया संयोग, होगी शादी |

होगें फेरे सात, रात को आधी || – शुभविवाह

[4]

करके सोलह श्रंगार ,प्रीती की चुनर सिर पे डाल |

भीगी पलकें लिए लाडली जाएगी  अपने ससुराल || – विदाई

[5]

बांध लगन का धागा , उबटन हल्दी चन्दन का |

तेल चढाकर होगा पूरण, काज तेल पूजन का || – तेलपूजन

[6]

रुप कुंदन सा दुल्हन साजे |

जब मेहंदी चन्दन का उब्टन लागे ||- मातृपूजन

[7]

दुनिया को जो नियम हैं, हमने भी निभाया है |

बेटी को हमने अपनी, आज दुल्हन बनाया है || – शुभविवाह

[8]

हंसाते रहे आप हजारो के बीच में, जैसे हँसता है फूल बहारो के बीच में |

रोशन हो आप इस तरह दुनिया में चाँद रोशन होता है जैसे सितारों के बीच में ||

[9]

पार्वती ने मुस्कुरा कर कहा शंकर जी के कान में |

हम भी सम्लित होगे (रीमा और अर्जुन ) के विवाह में ||

[10]

कोशिश की पर रहा विवश, मैं स्वयं द्वार न आ पाया |

इस लिए निमंत्रण देने को, मई पत्र रूप बनकर आया ||

[11]

विवाह: मिलन दो परिवारों का  वादा: साथ निभाने का  लम्हा: सपने सजाने का  समय: खुशियों मनाने का |

अपनापन: प्यार जताने का  इंतज़ार: आपके आने का  इच्छा: आपका स्नेहिल आर्शीवाद पाने का ||

[12]

शादी एक शपथ है, विश्वास इसका रथ है |

उम्र भर साथ निभाने का, प्यार भरा पथ है ||

[13]

पानी तो पानी है पर गंगाजल कुछ और है |

आना तो सबको है पर आपका आना कुछ और है ||

[14]

क्या करिश्मा है कुदरत का, कौन किसके करीब होता है |

विवाह उसी से होता है, जहाँ जिसका नसीब होता है ||

[15]

भाइयो का प्यार , बहनों का दुलार ,

मामा जी लेकर आये प्रेम भरा उपहार |

[16]

मेंहदी लगाके तुम रखना, हाथ धुलाने हम आयेगें |

माँग सजाके तुम रखना, सिन्दूर लगाने हम आयेगे ||

[17]

चुटकी भर सिन्दूर नहीं ये जन्मों – जन्मों का नाता है |

आसमान में हुआ फैसला साक्षी विधाता है ||

 

दोस्तों ये पोस्ट अपडेट होती रहती है आप इस पोस्ट को पड़ते रहे ताकि जो नया शायरी Update करू आप उसे भी पड़ सके |  ये पोस्ट आप को कैसी लगी निचे Comment जरुर करे |